श्री रामदेव चालीसा ।। दोहा ।। जय जय जय प्रभु रामदे, नमो नमो हरबार। लाज रखो तुम नन्द की, हरो पाप का भार। दीन बन्धु ककरपा करो, मोर हरो संताप। स्वामी तीनो लोक… March 23, 2025Posted inReligious
मेरी भावना मेरी भावना (पं. जुगलकिशोरजी मुख्तार 'बुगवीर' कृत) जिसने राग-द्वेष-कामादिक जीते, सब जग जान लिया। सब जीवों को मोक्षमार्ग का, निस्पृह हो उपदेश दिया ।। बुद्ध, वीर, जिन, हरि, हर, ब्रह्मा… October 17, 2024Posted inReligious